[हिंदी में] UGC NET ICT Notes in Hindi [Updated 2026]

2026 के लिए Best UGC NET ICT Notes in Hindi। कंप्यूटर पीढ़ियां, मेमोरी, नेटवर्क और डिजिटल इनिशिएटिव्स का आसान नोट्स यहाँ पढ़ें। इस ब्लॉग पोस्ट में हमने UGC NET Paper 1 के लिए ICT (Information and Communication Technology) के पूरे सिलेबस को कवर किया है। इसमें कंप्यूटर बेसिक्स, मेमोरी यूनिट्स, नंबर सिस्टम कन्वर्ज़न और इंटरनेट प्रोटोकॉल को बहुत ही सरल हिंदी भाषा में समझाया गया है। यह 2026 JRF परीक्षा के लिए अंतिम गाइड है।

Introduction: क्या आप UGC NET Paper 1 में JRF Score करना चाहते हैं?

दोस्तों, अगर आप UGC NET JRF का सपना देख रहे हैं, तो Paper 1 में “Information and Communication Technology (ICT)” यूनिट आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। 2026 के एग्जाम पैटर्न को देखें, तो अब केवल रटने से काम नहीं चलेगा—आपको कॉन्सेप्ट्स की गहरी समझ होनी चाहिए।

बहुत से हिंदी माध्यम के छात्रों को टेक्निकल शब्दावली (Technical Jargon) से डर लगता है। लेकिन घबराएं नहीं! इस UGC NET Information and Communication Technology (ICT) Notes in Hindi गाइड में, हम सब कुछ बहुत ही आसान “Hinglish” भाषा में समझेंगे। यह नोट्स न केवल आपके बेसिक्स क्लियर करेंगे बल्कि एग्जाम में आने वाले कठिन सवालों को भी चुटकियों में हल करने में मदद करेंगे।


1. Computer का परिचय (Computer Basics)

सबसे पहले समझते हैं कि कंप्यूटर असल में है क्या? कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, जिसका सीधा अर्थ है “गणना करना” (To Calculate)। इसलिए हिंदी में इसे ‘संगणक’ भी कहा जाता है।

शुरुआत में कंप्यूटर का आविष्कार सिर्फ पेचीदा कैलकुलेशन के लिए हुआ था, लेकिन आज 2026 में इसका उपयोग डॉक्यूमेंट बनाने, ईमेल भेजने, ऑडियो-वीडियो देखने, गेम खेलने और बड़े-बड़े डेटाबेस तैयार करने जैसे अनगिनत कामों में हो रहा है।

Computer की परिभाषा (Definition)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कच्चे डेटा (Raw Data) को इनपुट के रूप में लेता है, उसे प्रोसेस करता है और परिणाम (Information) को आउटपुट के रूप में हमें देता है।

Computer Full Form (Exam Favorite)

UGC NET में अक्सर यह बेसिक सवाल कॉन्सेप्ट के तौर पर पूछ लिया जाता है। इसका अर्थ रटने के बजाय समझें:

  • C – Commonly

  • O – Operated

  • M – Machine

  • P – Particularly

  • U – Used for

  • T – Technical

  • E – Educational

  • R – Research

यानी, एक ऐसी मशीन जो आमतौर पर तकनीकी और शैक्षिक अनुसंधान (Research) के लिए विशेष रूप से उपयोग की जाती है।

Expert Insight for 2026: याद रखें, कंप्यूटर के जनक (Father of Computer) चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कहा जाता है। उन्होंने ही सबसे पहले इस मशीन की परिकल्पना की थी।


2. Computer की पीढ़ियां (Generations of Computer)

कंप्यूटर आज जैसा दिखता है, वैसा पहले नहीं था। इसे आज के स्मार्ट स्वरूप तक पहुँचने में लंबा समय लगा। टेक्नोलॉजी में आए बदलाव को हम 5 पीढ़ियों (Generations) में बांटते हैं।

UGC NET ICT Notes in Hindi

First Generation (1940-1955)

  • Main Technology: इस दौर में Vacuum Tubes (वैक्यूम वाल्व) का प्रयोग किया गया था।

  • Language: कंप्यूटर केवल मशीन भाषा (Machine Language – 0 और 1) समझता था।

  • Drawback: ये आकार में पूरे कमरे जितने बड़े होते थे और बहुत जल्दी गर्म हो जाते थे।

  • Examples: ENIAC, EDVAC.

Second Generation (1956-1964)

  • Main Technology: वैक्यूम ट्यूब की जगह Transistors (ट्रांजिस्टर) ने ले ली।

  • Evolution: ट्रांजिस्टर आने से कंप्यूटर का साइज थोड़ा छोटा हुआ और स्पीड बढ़ी।

  • Language: यहाँ Assembly Language का प्रयोग शुरू हुआ।

Third Generation (1965-1971)

  • Main Technology: यहाँ IC (Integrated Circuits) का प्रयोग शुरू हुआ।

  • Key Fact: IC चिप का विकास Jack Kilby ने 1958 में किया था।

  • Change: कंप्यूटर आम लोगों की पहुँच में आने लगे क्योंकि वे सस्ते और छोटे हो गए।

Fourth Generation (1972-1982)

  • Main Technology: इसमें VLSI (Very Large Scale Integration) और Microprocessor का उपयोग हुआ।

  • Revolution: इसी पीढ़ी में पर्सनल कंप्यूटर (PC) का जन्म हुआ जिसे हम आज घरों और ऑफिस में यूज़ करते हैं।

  • Language: C, C++, DBASE जैसी भाषाओं का प्रयोग बढ़ा।

Fifth Generation (1983 – Present)

  • Main Technology: इसमें ULSI (Ultra Large Scale Integration) का प्रयोग हो रहा है।

  • Future: यह पीढ़ी AI (Artificial Intelligence) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित है।

  • Examples: रोबोटिक्स, लैपटॉप, स्मार्टफोन्स और सुपर कंप्यूटर।


3. Computer के मुख्य घटक (Components of Computer)

कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन पिलर्स पर काम करता है: Input, CPU, और Output। इसे आप IPO (Input-Process-Output) साइकिल भी कह सकते हैं।

A. इनपुट डिवाइस (Input Devices)

ये वे डिवाइस हैं जो हमारी भाषा को मशीनी संकेतों में बदलकर कंप्यूटर के दिमाग (CPU) तक पहुंचाते हैं।

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  • Keyboard & Mouse: सबसे आम इनपुट डिवाइस।

  • Joystick: वीडियो गेम्स खेलने के लिए।

  • MICR (Magnetic Ink Character Recognition): यह बैंकों में चेक प्रोसेस करने के काम आता है।

  • OCR (Optical Character Recognition): स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट को टेक्स्ट में बदलने के लिए।

  • Bar Code Reader: मॉल या दुकानों में प्रोडक्ट स्कैन करने के लिए।

B. CPU (Central Processing Unit)

CPU को कंप्यूटर का मस्तिष्क (Mind/Brain) कहा जाता है। बिना इसके कंप्यूटर सिर्फ एक डिब्बा है। यह सभी डिवाइस (जैसे कीबोर्ड, मॉनिटर, प्रिंटर) को कंट्रोल करता है।

CPU के तीन मुख्य भाग होते हैं:

  1. ALU (Arithmetic Logic Unit): यह कंप्यूटर का “गणितज्ञ” है। यह सभी जोड़, घटाना, गुणा, भाग और तार्किक (Logical) निर्णय (जैसे बड़ा, छोटा, बराबर) लेता है।

  2. CU (Control Unit): यह कंप्यूटर का “ट्रैफिक पुलिस” है। यह तय करता है कि डेटा मेमोरी से कब लेना है और कब आउटपुट डिवाइस को भेजना है।

  3. Memory Unit (Registers): यह डेटा को प्रोसेस करते समय बहुत कम समय के लिए होल्ड करता है।

C. आउटपुट डिवाइस (Output Devices)

प्रोसेसिंग के बाद जो नतीजा (Result) मिलता है, उसे हम तक पहुंचाने का काम आउटपुट डिवाइस करते हैं।

  • Monitor: इसे VDU (Visual Display Unit) भी कहते हैं।

  • Printer: सॉफ्ट कॉपी को कागज (हार्ड कॉपी) पर छापने के लिए।

  • Plotter: हाई क्वालिटी ग्राफिक्स (जैसे बड़े नक्शे या बैनर) प्रिंट करने के लिए।

  • Speaker: ऑडियो आउटपुट के लिए।


4. Computer Memory: 2026 का सबसे Hot Topic

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UGC NET एग्जाम में मेमोरी पदानुक्रम (Memory Hierarchy) और स्टोरेज यूनिट्स से सवाल पक्का आता है। मेमोरी कंप्यूटर की याददाश्त है जहाँ डेटा और निर्देश स्टोर होते हैं।

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Memory के प्रकार (Types of Memory)

1. प्राइमरी मेमोरी (Primary Memory)

इसे मुख्य मेमोरी (Main Memory) भी कहते हैं। यह सीधे CPU से जुड़ी होती है। इसके दो प्रकार हैं:

  • RAM (Random Access Memory):

    • यह Volatile (परिवर्तनशील/अस्थाई) मेमोरी है।

    • आसान भाषा में: जब तक बिजली है, तब तक डेटा है। कंप्यूटर बंद होते ही RAM का डेटा मिट जाता है।

    • यह Read/Write मेमोरी है।

  • ROM (Read Only Memory):

    • यह Non-Volatile (अपरिवर्तनशील/स्थाई) मेमोरी है।

    • इसमें डेटा हमेशा के लिए स्टोर रहता है, चाहे पावर ऑफ हो जाए।

    • इसमें कंप्यूटर को स्टार्ट करने वाले ज़रूरी प्रोग्राम (जैसे BIOS) होते हैं।

2. सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory)

इसे Auxiliary Memory भी कहते हैं। चूंकि प्राइमरी मेमोरी महँगी होती है और कम होती है, इसलिए हम डेटा को स्थायी रूप से सेव करने के लिए सेकेंडरी मेमोरी का यूज़ करते हैं।

  • Magnetic Disk: HDD (Hard Disk Drive), Floppy Disk.

  • Optical Disk: CD, DVD, Blue Ray.

  • Flash Memory: Pen Drive, Memory Card, SSD (Solid State Drive).

3. कैश मेमोरी (Cache Memory)

यह मेमोरी साइज़ में बहुत छोटी होती है लेकिन मुख्य मेमोरी (RAM) से कई गुना ज़्यादा तेज़ होती है। यह CPU और RAM के बीच एक बफर (Buffer) का काम करती है ताकि कंप्यूटर की स्पीड धीमी न हो।

4. रजिस्टर (Registers)

यह CPU के बिल्कुल अंदर स्थित होती है। यह कंप्यूटर की सबसे छोटी और सबसे तेज़ मेमोरी होती है।

Speed Hierarchy (Fastest to Slowest): Registers > Cache Memory > Main Memory (RAM) > Secondary Storage.


Memory Measurement Units (इसे रट लें)

एग्जाम में अक्सर पूछा जाता है कि 1 GB में कितने MB होते हैं या क्रम में लगाओ। यहाँ सही चार्ट दिया गया है:

  • Bit (b): 0 या 1 (Binary Digit – सबसे छोटी इकाई)

  • Nibble: 4 Bits का समूह

  • Byte (B): 8 Bits का समूह

  • 1 KB (Kilobyte): 1024 Bytes

  • 1 MB (Megabyte): 1024 KB

  • 1 GB (Gigabyte): 1024 MB

  • 1 TB (Terabyte): 1024 GB

  • 1 PB (Petabyte): 1024 TB

5. Number System (संख्या प्रणाली)

कंप्यूटर हमारी और आपकी तरह हिंदी या अंग्रेजी भाषा नहीं समझता। वह सिर्फ करंट के संकेतों (On/Off) को समझता है, जिसे हम तकनीकी भाषा में 0 और 1 कहते हैं। UGC NET एग्जाम में मुख्य रूप से चार नंबर सिस्टम से सवाल पूछे जाते हैं।

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Types of Number Systems

  1. Binary Number System (बाइनरी):

    • Base (आधार): 2

    • Digits: 0 और 1

    • कंप्यूटर का सारा इंटरनल काम इसी सिस्टम पर होता है।

  2. Octal Number System (ऑक्टल):

    • Base (आधार): 8

    • Digits: 0 से 7 (0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7)

  3. Decimal Number System (डेसिमल):

    • Base (आधार): 10

    • Digits: 0 से 9

    • यह वही सिस्टम है जो हम अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी (गणित) में इस्तेमाल करते हैं।

  4. Hexadecimal Number System (हेक्साडेसिमल):

    • Base (आधार): 16

    • Digits: 0-9 और A-F

    • इसमें 0 से 9 तक नंबर होते हैं और 10 से 15 तक को अक्षरों से दर्शाया जाता है:

      • A = 10

      • B = 11

      • C = 12

      • D = 13

      • E = 14

      • F = 15

Exam Tip: अगर सवाल आए कि Hexadecimal में ‘F’ की वैल्यू क्या है? तो जवाब होगा 15

Conversion Example: Decimal to Binary

एक बहुत कॉमन सवाल आता है: (13)₁₀ को Binary में बदलें।

Short Trick: दी गई संख्या को 2 से तब तक भाग दें जब तक 0 न आ जाए और शेषफल (Remainder) को नोट करते रहें।

  1. 13 ÷ 2 = 6 (शेष 1)

  2. 6 ÷ 2 = 3 (शेष 0)

  3. 3 ÷ 2 = 1 (शेष 1)

  4. 1 ÷ 2 = 0 (शेष 1)

अब शेषफल को नीचे से ऊपर की तरफ लिखें: 1101 सही जवाब: (13)₁₀ = (1101)₂


6. Computer Networks: दुनिया को जोड़ने वाला जाल

जब दो या दो से अधिक कंप्यूटर आपस में जुड़कर डेटा, फाइल या रिसोर्स शेयर करते हैं, तो उसे कंप्यूटर नेटवर्क कहते हैं। नेटवर्क को उनकी “दूरी” या “भौगोलिक सीमा” के आधार पर बांटा गया है।

A. LAN (Local Area Network)

  • दायरा: यह एक बहुत छोटे क्षेत्र तक सीमित होता है। जैसे आपका घर, एक कमरा, ऑफिस या एक स्कूल की बिल्डिंग।

  • उदाहरण: ऑफिस का वाई-फाई (Wi-Fi) या कंप्यूटर लैब।

  • खासियत: इसमें डेटा ट्रांसफर की स्पीड बहुत तेज़ होती है और इसमें ईथरनेट केबल का इस्तेमाल ज्यादा होता है।

B. MAN (Metropolitan Area Network)

  • दायरा: यह LAN से बड़ा होता है और एक पूरे शहर (City) को कवर करता है।

  • उदाहरण: शहर का केबल टीवी नेटवर्क (Cable TV Network) या किसी शहर में फैला सरकारी ऑफिस का नेटवर्क।

C. WAN (Wide Area Network)

  • दायरा: यह सबसे बड़ा नेटवर्क है जो पूरे देश या महाद्वीप (Countries/Continents) को जोड़ता है।

  • उदाहरण: Internet (इंटरनेट) इसका सबसे बड़ा और सबसे अच्छा उदाहरण है।

  • खासियत: इसमें डेटा भेजने के लिए सैटेलाइट या ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल होता है।


7. Network Topologies (नेटवर्क की बनावट)

नेटवर्क में कंप्यूटर आपस में किस तरह (Design/Layout) जुड़े हुए हैं, उसे Topology कहते हैं। यहाँ से “Match the Following” वाले सवाल बहुत बनते हैं।

  1. Bus Topology (बस टोपोलॉजी):

    • इसमें एक ही मुख्य तार (Single Cable) होती है जिससे सारे कंप्यूटर एक लाइन में जुड़े होते हैं।

    • नुकसान: अगर मुख्य तार (Backbone cable) टूट जाए, तो पूरा नेटवर्क ठप हो जाता है।

  2. Star Topology (स्टार टोपोलॉजी):

    • इसमें सभी कंप्यूटर बीच में रखे एक सेंट्रल डिवाइस (Hub या Switch) से जुड़े होते हैं।

    • फायदा: अगर एक कंप्यूटर खराब हो जाए, तो बाकी नेटवर्क पर कोई असर नहीं पड़ता।

    • नुकसान: अगर बीच वाला Hub खराब हो जाए, तो सब बंद हो जाएगा।

  3. Ring Topology (रिंग टोपोलॉजी):

    • इसमें कंप्यूटर एक गोलाकार छल्ले (Ring) की तरह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। डेटा एक दिशा में ट्रेवल करता है।

  4. Mesh Topology (मेश टोपोलॉजी):

    • इसमें हर कंप्यूटर नेटवर्क के बाकी सभी कंप्यूटरों से सीधे जुड़ा होता है।

    • फायदा: यह सबसे भरोसेमंद (Reliable) है। अगर एक रास्ता बंद हो जाए, तो डेटा दूसरे रास्ते से जा सकता है। इंटरनेट इसी का एक रूप है।


8. Important Internet Protocols (नियम और कानून)

इंटरनेट पर डेटा कैसे चलेगा, इसके लिए कुछ नियम बने हैं जिन्हें Protocol कहते हैं।

Email Protocols (ईमेल के लिए)

  • SMTP (Simple Mail Transfer Protocol):

    • इसका काम ईमेल भेजने (Send) का है। “S” से Send याद रखें। यह मेल को आपके कंप्यूटर से सर्वर तक ले जाता है।

  • POP (Post Office Protocol):

    • इसका इस्तेमाल सर्वर से ईमेल को अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड (Receive) करने के लिए होता है।

Web Protocols (वेबसाइट के लिए)

  • HTTP (Hyper Text Transfer Protocol):

    • वेब पेज या वेबसाइट देखने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। यह सुरक्षित नहीं माना जाता।

  • FTP (File Transfer Protocol):

    • इंटरनेट पर फाइल (जैसे वीडियो, सॉफ्टवेयर, डॉक्यूमेंट) अपलोड या डाउनलोड करने के लिए इसका उपयोग होता है।

  • TCP/IP:

    • यह इंटरनेट का मुख्य प्रोटोकॉल है। IP हर कंप्यूटर को एक पता (Address) देता है ताकि उसे पहचाना जा सके।


9. Email & File Extensions (बोनस टॉपिक)

Email के महत्वपूर्ण हिस्से

एक ईमेल आईडी (जैसे abcxyz@gmail.com) में तीन मुख्य भाग होते हैं:

  1. Username: abcxyz (यूज़र की पहचान)।

  2. @ Symbol: जो यूजरनेम और डोमेन को अलग करता है।

  3. Domain Name: gmail.com (सर्विस प्रोवाइडर का नाम)।

CC और BCC में अंतर:

  • CC (Carbon Copy): जब आप एक ही मेल कई लोगों को भेजना चाहते हैं और चाहते हैं कि सबको पता चले कि मेल किसे भेजा गया है।

  • BCC (Blind Carbon Copy): यह प्राइवेसी के लिए है। इसमें डाले गए ईमेल एड्रेस बाकी लोगों को दिखाई नहीं देते।

File Extensions (फाइल की पहचान)

कंप्यूटर में फाइल के नाम के अंत में . (डॉट) के बाद जो लिखा होता है, उसे एक्सटेंशन कहते हैं। इससे पता चलता है कि फाइल किस टाइप की है।

  • Audio (आवाज़): .mp3, .wav, .wma

  • Video (वीडियो): .mp4, .avi, .mkv, .flv

  • Image (फोटो): .jpg, .png, .gif, .bmp

  • Document: .pdf, .doc (MS Word), .xls (Excel)

  • Executable: .exe (सॉफ्टवेयर फाइल), .apk (Android Apps)

10. Web 1.0, Web 2.0 और Web 3.0 में अंतर

इंटरनेट आज जैसा है, वैसा 20 साल पहले नहीं था। इसे तीन चरणों (Phases) में बांटा गया है। इसे समझना बहुत जरूरी है।

Web 1.0 (The Readable Web)

  • समय: 1990 से 2000 के आसपास।

  • खासियत: यह “Read-Only” वेब था।

  • मतलब: इसमें यूज़र वेबसाइट पर जाकर सिर्फ जानकारी पढ़ सकता था। हम न तो कमेंट कर सकते थे, न पोस्ट डाल सकते थे। यह एक तरह से डिजिटल न्यूज़पेपर जैसा था।

  • उदाहरण: पुरानी स्टेटिक वेबसाइट्स।

Web 2.0 (The Writable Web)

  • समय: 2000 से 2010 (और अभी भी चल रहा है)।

  • खासियत: यह “Read-Write” वेब है।

  • मतलब: यहाँ यूज़र सिर्फ पढ़ता नहीं है, बल्कि कंटेंट बना भी सकता है। सोशल मीडिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है जहाँ आप फोटो, वीडियो और विचार शेयर करते हैं।

  • कीवर्ड: Interaction (बातचीत), Collaboration (सहयोग), Social Media।

  • उदाहरण: Facebook, YouTube, Wikipedia, Twitter।

Web 3.0 (The Executable/Semantic Web)

  • समय: 2010 से भविष्य तक।

  • खासियत: यह “Read-Write-Execute” वेब है।

  • मतलब: यहाँ मशीनें (AI) इंसानों की तरह डेटा को समझ सकती हैं। यह आपको बिना पूछे आपकी पसंद का कंटेंट दिखाता है (Recommendation)।

  • कीवर्ड: Artificial Intelligence, Blockchain, Semantic Web।

  • उदाहरण: Siri, Alexa, TiVo।


11. Web Browsers का इतिहास और प्रकार

इंटरनेट चलाने के लिए हमें एक सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है जिसे Web Browser कहते हैं। एग्जाम में इनके इतिहास से सवाल आते हैं।

इतिहास के पन्नों से (History)

  1. WorldWideWeb (Nexus): 1990 में टिम बर्नर्स-ली द्वारा बनाया गया पहला ब्राउज़र।

  2. Mosaic (1993): यह दुनिया का पहला लोकप्रिय ब्राउज़र था जिसमें टेक्स्ट के साथ इमेज भी दिखती थी।

  3. Netscape Navigator (1994): 90 के दशक का सबसे फेमस ब्राउज़र।

  4. Internet Explorer (1995): माइक्रोसॉफ्ट ने इसे लॉन्च किया और यह बहुत समय तक राज करता रहा।

  5. Google Chrome (2008): आज के समय का सबसे तेज़ और लोकप्रिय ब्राउज़र।

लोकप्रिय वेब ब्राउज़र (Examples)

  • Google Chrome

  • Mozilla Firefox

  • Apple Safari (iPhone/Mac के लिए)

  • Microsoft Edge (Windows 10/11 में डिफ़ॉल्ट)

  • Opera


12. Programming Languages (प्रोग्रामिंग भाषाएं)

कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए जिस भाषा का उपयोग होता है, उसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहते हैं। इसे तीन स्तरों में बांटा गया है।

1. Machine Language (मशीनी भाषा)

  • यह Low-Level Language है।

  • कंप्यूटर केवल इसे ही सीधे समझता है (0 और 1 के रूप में)।

  • इंसानों के लिए इसे समझना बहुत मुश्किल है।

2. Assembly Language (असेंबली भाषा)

  • इसमें 0-1 की जगह कुछ कोड्स (Mnemonics) का इस्तेमाल होता है, जैसे ADD, SUB, LOAD।

  • इसे मशीनी भाषा में बदलने के लिए Assembler की जरूरत होती है।

3. High-Level Language (उच्च स्तरीय भाषा)

  • यह अंग्रेजी भाषा जैसी होती है जिसे इंसान आसानी से पढ़ और लिख सकते हैं।

  • उदाहरण: C++, Java, Python, SQL, PHP।

  • इसे कंप्यूटर को समझाने के लिए Compiler या Interpreter का इस्तेमाल किया जाता है।

Note: UGC NET में अक्सर पूछा जाता है: “Python क्या है?” जवाब: यह एक हाई-लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।


13. Operating System (OS) और उसके प्रकार

ऑपरेटिंग सिस्टम वह सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर के हार्डवेयर और यूज़र (आपके) के बीच एक पुल (Interface) का काम करता है। बिना OS के कंप्यूटर एक खाली डिब्बा है।

प्रमुख Operating Systems

  1. Microsoft Windows: (Windows 7, 10, 11) – सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला।

  2. macOS: Apple के कंप्यूटर और लैपटॉप के लिए।

  3. Linux: यह एक Open Source ऑपरेटिंग सिस्टम है (यानी यह फ्री है और इसका कोड सबके लिए उपलब्ध है)। उदाहरण: Ubuntu, Fedora.

  4. Android: मोबाइल फोन्स के लिए (Google द्वारा)।

  5. iOS: iPhone और iPad के लिए (Apple द्वारा)।

Exam Tip: Linux और Android दोनों ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के उदाहरण हैं।


14. ICT in Higher Education (उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल)

भारत सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ICT का भरपूर उपयोग कर रही है। इससे जुड़े सवाल पेपर 1 में ज़रूर आते हैं।

ICT के फायदे:

  • Distance Learning: घर बैठे पढ़ाई (जैसे SWAYAM)।

  • Transparency: एडमिशन और रिजल्ट में पारदर्शिता।

  • Access: गाँव के छात्रों तक अच्छे रिसोर्स पहुँचाना।

महत्वपूर्ण डिजिटल पहल (Digital Initiatives):

  1. SWAYAM: ऑनलाइन कोर्सेज के लिए भारत का अपना प्लेटफॉर्म।

  2. SWAYAM PRABHA: 34 (अब 40+) DTH चैनलों का समूह जो 24×7 शैक्षिक कार्यक्रम दिखाता है।

  3. NMEICT: (National Mission on Education through ICT) – इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी और कंटेंट के जरिए शिक्षा का प्रसार करना है।

  4. NAD (National Academic Depository): डिग्रियों और सर्टिफिकेट्स को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए।


15. Most Important Full Forms UGC NET ICT

एग्जाम में जाने से पहले इन एब्रिविएशन्स (Abbreviations) को रट लें।

Short FormFull Form
VIRUSVital Information Resources Under Siege
USBUniversal Serial Bus
PDFPortable Document Format
JPEGJoint Photographic Experts Group
Wi-FiWireless Fidelity
VPNVirtual Private Network
GUIGraphical User Interface
DNSDomain Name System
HTMLHyper Text Markup Language
MOOCMassive Open Online Course
IoTInternet of Things

 

महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Resources)

अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए इन लिंक्स का उपयोग करें:


Frequently Asked Questions (FAQs) – UGC NET ICT

Q1: UGC NET में ICT का फुल फॉर्म क्या है? Ans: ICT का पूरा नाम Information and Communication Technology (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) है। यह सूचना को डिजिटल रूप में स्टोर करने, संचार करने और मैनेज करने की तकनीक है।

Q2: RAM और ROM में क्या अंतर है? Ans: RAM (Random Access Memory) एक अस्थाई (Volatile) मेमोरी है, यानी बिजली जाते ही इसका डेटा मिट जाता है। वहीं, ROM (Read Only Memory) एक स्थाई (Non-Volatile) मेमोरी है जिसमें डेटा हमेशा सेव रहता है (जैसे BIOS)।

Q3: Web 1.0, Web 2.0 और Web 3.0 में क्या फर्क है? Ans:

  • Web 1.0: सिर्फ पढ़ने के लिए (Read-Only)।

  • Web 2.0: पढ़ने और लिखने के लिए (Read-Write), जैसे सोशल मीडिया।

  • Web 3.0: मशीन की समझ और AI आधारित (Semantic Web)।

Q4: 1 GB में कितने MB होते हैं? Ans: 1 GB (Gigabyte) में 1024 MB (Megabytes) होते हैं। सही क्रम है: Bit < Byte < KB < MB < GB < TB.

Q5: स्वयं (SWAYAM) क्या है? Ans: SWAYAM भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल इनिशिएटिव है जो मुफ्त ऑनलाइन कोर्सेज (MOOCs) प्रदान करता है ताकि देश के हर छात्र को अच्छी शिक्षा मिल सके।

Q6: कंप्यूटर का जनक (Father of Computer) किसे कहा जाता है? Ans: चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।


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